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पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ - Prasaw Prakriya!
हमारे शरीर की à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ सीमा होती है. इस संदरà¥à¤ में आपको बता दें कि पà¥à¤°à¥à¤· या महिला का शरीर आमतौर पर 45 डेल (दरà¥à¤¦ मापने की इकाई) का दरà¥à¤¦ ही बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ कर सकता है. लेकिन पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान महिलाà¤à¤‚ 57 डेल का दरà¥à¤¦ महसूस करती हैं. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ये à¤à¤• बार में 20 हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के टूटने पर होने वाले दरà¥à¤¦ के बराबर होता है. इसे वासà¥à¤¤à¤µ में पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा कहते हैं. पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा और उसके बाद डिलीवरी को बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® होना या गरà¥à¤ का अंत à¤à¥€ कहा जाता है. डिलीवरी दो पà¥à¤°à¤•ार से होती है, नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी या सिजेरियन डिलिवरी (सी-सेकà¥à¤¶à¤¨). ]आजकल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° डिलीवरी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में होती हैं, लेकिन आज à¤à¥€ कई जगहों पर अधिकांश जनà¥à¤® घर पर à¤à¤• दायी की मदद से होते हैं. पà¥à¤°à¤¸à¤µ का सबसे सामानà¥à¤¯ तरीका योनि मारà¥à¤— से डिलीवरी है. इस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तीन चरण होते हैं: गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का छोटा और बड़ा होना, बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® लेने के लिठआगे खिसकना और बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® और पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा बाहर आना आदि. अधिकांश बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का जनà¥à¤® लेते समय पहले सिर बाहर आता है. हालांकि लगà¤à¤— 4% बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर या कूलà¥à¤¹à¥‡ पहले बाहर आते हैं. सरà¥à¤œà¤°à¥€ में ठीक होने में अधिक समय लग सकता है. आइठइस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से हम पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें.
पà¥à¤°à¤¸à¤µ की शà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¤ à¤à¤¸à¥‡ होती है-
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय कोई à¤à¥€ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से नहीं बता सकता. यहाठतक कि पके चिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गयी तिथि à¤à¥€ केवल अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ होती है. पà¥à¤°à¤¸à¤µ बताई गयी तिथि से 3 हफà¥à¤¤à¥‡ पहले या 2 हफà¥à¤¤à¥‡ बाद à¤à¥€ हो सकता है. पà¥à¤°à¤¸à¤µ का पहला चरण कई घंटों तक रह सकता है, इसलिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ संकेतों के महसूस होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है.
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का सही समय-
आखिरी मासिक धरà¥à¤® के पहले दिन से लेकर 40 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद की तारीख को पà¥à¤°à¤¸à¤µ की तिथि बताया जाता है. हालांकि कà¤à¥€ कà¤à¥€ यह अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की जाती है. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं के पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय डॉकà¥à¤Ÿà¤° 37वें और 42वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं. जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले हो जाते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समय से पहले या पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ कहते हैं. जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ 37वें या 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में होता है उसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ अवधि माना जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय में पैदा हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के फेफड़े अà¤à¥€ à¤à¥€ अपरिपकà¥à¤µ होते हैं. जैसे हर महिला की गरà¥à¤ अलग होती है वैसे ही उसके पà¥à¤°à¤¸à¤µ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤, लकà¥à¤·à¤£ और डिलीवरी होने में लगने वाला समय à¤à¥€ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होता है.
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ चरण-
पà¥à¤°à¤¥à¤® चरण: - पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पहले चरण को तीन चरणों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है: लेटेंट, à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ और टà¥à¤°à¤¾à¤‚ज़िशन. पहला, लेटेंट चरण, सबसे लंबा और सबसे कम तीवà¥à¤° होता है. इस चरण के दौरान, संकà¥à¤šà¤¨ लगातार होने लगते हैं, यह आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को फैलाने में मदद करती है ताकि बचà¥à¤šà¤¾ जनà¥à¤® नलिका से आसानी से निकल सके. इस सà¥à¤¤à¤° पर असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ à¤à¥€ कम होती है इस चरण के दौरान, यदि आपके संकà¥à¤šà¤¨ नियमित होते हैं, तो आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया जाà¤à¤—ा और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ कितना फैला है यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठलगातार पैलà¥à¤µà¤¿à¤• परीकà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ की जाà¤à¤à¤—ी. à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ चरण के दौरान, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ अधिक तेजी से फैलना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है. आप पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान अपनी पीठया पेट में गहन दरà¥à¤¦ या दबाव महसूस कर सकती हैं. आप शिशॠको दबाव देकर धकेलने की इचà¥à¤›à¤¾ महसूस कर सकते हैं, लेकिन आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको पूरी तरह गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के फैलने तक इंतजार करने के लिठकहेंगे.
दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ चरण: - इस चरण में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पूरी तरह से खà¥à¤² जाता है. इसके पूरी तरह फैलने पर, आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको पà¥à¤¶ करने के लिठकहेगा. आपके दबाव डालना आपके शिशॠको जनà¥à¤® नलिका में आगे बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है. आपके शिशॠका सिर तब नज़र आने लगता है जब इसका सबसे चौड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ योनि के मà¥à¤– पर पहà¥à¤‚चता है. जैसे ही आपके बचà¥à¤šà¥‡ का सिर बाहर निकलता है, आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠकी नाक और मà¥à¤à¤¹ से à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक तरल पदारà¥à¤¥, रकà¥à¤¤, और बलगम को बाहर निकालेंगे. आप बचà¥à¤šà¥‡ के कंधों और बाकी के शरीर को बाहर निकालने के लिठदबाव देना और शिशॠको धकेलना जारी रखें. शिशॠका जनà¥à¤® होने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा को काट देते हैं.
तृतीय चरण: - शिशॠको जनà¥à¤® देने के बाद, आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के अंतिम चरण में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती हैं. इस चरण में, गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² को निकाला जाता है. यह वह अंग होता है जो गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ को पोषण देता है. पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिला और पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µ अलग होता है. पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चरण में बिताठगठसमय की मातà¥à¤°à¤¾ अलग-अलग होती है. अगर यह आपकी पहली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ है तो पà¥à¤°à¤¸à¤µ आम तौर पर लगà¤à¤— 12 से 14 घंटे तक रहता है. आमतौर पर बाद के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कम समय लेती है.
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